Uncategorizedइतिहासप्रश्नोत्तरीविज्ञानशिक्षासामान्य ज्ञान

ब्लैक होल क्या है ,ब्लैक होल में गिर जाएँ तो क्या होगा ?

ब्लैक होल स्पेस में वो जगह है जहाँ भौतिक विज्ञान का कोई नियम काम नहीं करता. इसका गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र बहुत शक्तिशाली होता है. इसके खिंचाव से कुछ भी नहीं बच सकता. … आइंस्टाइन बता चुके हैं कि किसी भी चीज़ का गुरुत्वाकर्षण स्पेस को उसके आसपास लपेट देता है और उसे कर्व जैसा आकार दे देता है.

हाल ही में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने धरती के सबसे नजदीक मौजूद ब्लैक होल को ढूंढ निकाला है। ये धरती से करीब एक हजार प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है। अंतरिक्ष में ब्लैक होल एक शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र वाली जगह है जहां पर भौतिक विज्ञान का कोई भी नियम काम नहीं करता है।

ब्लैक होल दो तरह के होते हैं. गार्डन वैरायटी ब्लैक होल जो सूर्य से लगभग 20 गुना बड़े आकार के होते हैं. जबकि सुपरमैसिव ब्लैक होल सूरज से कम से कम दस लाख गुने बड़े हो सकते हैं. सैजिटैरस और एम-87 दोनों सुपरमैसिव ब्लैक होल हैं.

अगर आप ब्लैकहोल की चपेट में आ गए हों, तो आपके साथ दो बातें हो सकती हैं. या तो आप तुरंत ही जलकर राख हो जाएंगे या फिर आप बिना किसी नुकसान झेले ब्लैक होल में फंस जाएंगे.

जब कोई विशाल तारा अपने अंत की ओर पहुंचता है तो वह अपने ही भीतर सिमटने लगता है. धीरे धीरे वह भारी भरकम ब्लैक होल बन जाता है और सब कुछ अपने में समेटने लगता है.